तानपुरे की ध्वनि
रियाज़ और राग-अभ्यास के लिए किसी भी सा पर प, म या नि वाला तानपुरा।
आरामदायक सा चुनें; चार तार पहले तार, दो मध्य सा और मंद्र सा के क्रम में बजते हैं। अधिकांश रागों में प, प के बिना म और मारवा जैसे रागों में नि चुनें।
तानपुरे के साथ रियाज़
- अपनी आवाज़ के अनुकूल सा चुनें; C या C# तथा G# या A आज़मा सकते हैं।
- राग के अनुसार पहला तार प, म या नि पर रखें।
- शुरू करके स्थिर सा गाएँ और तानपुरे से मिलाएँ।
- सा रे ग म प ध नि में हर सुर को श्रुति के साथ थामें।
श्रुति के साथ अभ्यास क्यों करें
तानपुरे का स्थिर सा हर स्वर का संदर्भ देता है, जिससे हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत में सही पिच का अभ्यास होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन-सा सा चुनें?
वह सुर जिसमें आराम से पूरा सा और ऊपरी सा गा सकें; अपनी आवाज़ के अनुसार चुनें।
प के बजाय म कब चुनें?
प-वर्जित राग जैसे मालकौंस में म; मारवा और पूरिया जैसे रागों में नि उपयोग होता है।
क्या यह असली तानपुरे की रिकॉर्डिंग है?
नहीं। ब्राउज़र में इलेक्ट्रॉनिक ध्वनि बनती है, जिसमें झंकार वाले हार्मोनिक हैं।